मंगलवार, 19 मई 2015

रुका हुआ सा दर्द...! (कहानी)




अचानक दरवाजे की घंटी बजी.....

वो पिछले एक घण्टे से सोने का प्रयास कर रही थी; पर थकान की वजह से शायद नींद नहीं आ रही थी।

पोस्टमैन होगा शायद, कहकर वो अनमने ढंग से दरवाजे की ओर बढ़ी।

दरवाजा खोलकर देखा। पोस्टमैन ही था। एक लिफ़ाफ़ा डालकर गया था। उसने उलट-पुलट कर देखा, उस पर भेजने वाले का कहीं कोई जिक्र नहीं था। हालाँकि पत्र उसके पिता के नाम था, पर वो चाहकर भी उसे खोलने से खुद को रोक ना पाई।

जैसे ही उसने लिफ़ाफ़ा खोला, अन्दर से एक तस्वीर निकली, जिसे देखकर उसका चेहरा तमतमा गया। गुस्से में आकर वो तस्वीर फ़ाड़ना ही चाहती थी कि कुछ सोच कर रुक गई। आखिर कितनी तस्वीरें फ़ाड़ेगी वो। क्या ऐसा करने से वो रुक जाएगा, जिसके होने मात्र की कल्पना से ही वो सिहर जाती है।

रह-रह कर उसे एक ही बात कचोटती है; क्या एक पुरुष के लिए स्त्री मात्र उसका घर सँभालने वाली और बच्चे पैदा करने वाली मशीन भर है? क्या पति की शारीरिक और मानसिक जरूरतों का ध्यान रखना केवल स्त्री का फ़र्ज़ है? क्या प्यार के मायने केवल औरत के लिए हैं?
क्या, क्या और ना जाने कितने क्या? उसका सिर इस भयंकर गर्मी में फ़टने को हो आया। वह पानी पीने रसोई में जाती है।

वहाँ मौजूद माँ इशारे में उससे परेशान होने की वजह पूछती है। जब से माँ को पैरालिसिस का अटैक हुआ है, उसका दायाँ हाथ और पैर बिल्कुल काम नहीं करता। हालाँकि वो खुद को घसीट-२ कर अपने सारे काम कर लेती है। किसी को अपनी वजह से परेशान करना सीखा ही नहीं जो उसने। यही वजह थी कि पिता की दूसरी शादी की बात पर उसने चुपचाप सहमति में सिर हिला दिया था। हालाँकि केतकी जानती थी कि उस दिन के बाद से माँ का मन हर रोज कितना टूटता है।

माँ ने भले ही इस बात पर सहमति दे दी थी, पर केतकी रोज कितना लड़ती थी अपने पिता से इसके विरोध में। पर उन्होंने तो जैसे जिद ही ठान ली थी दूसरी शादी की।

अब कैसे बताती माँ को कि जिस लिफ़ाफ़े को वो फ़ेंक कर आई है, उसमें पिता की दूसरी शादी का रिश्ता आया है। वो पिता जिसके सुख की खातिर माँ ने खुद को होम कर दिया, पर जो आज भी इस बात से बेखबर हैं कि किस तरह माँ उनके मुँह से दो प्यार भरे बोल सुनने को तरसती रहती है।

केतकी के मन में भले ही हाहाकार मचा हुआ है, पर वो अन्दर ही अन्दर एक निर्णय ले चुकी है। भरी दोपहर में वो बैग टाँगकर निकल पड़ती है, खुद के और माँ के लिए एक नए आशियाने की तलाश में..........!

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